एंग्जायटी अटैक को शांत कैसे करें?HealthPlanet

Posted on Thu 1st Dec 2022 : 14:19

एंग्‍जायटी अटैक आने पर अपनाएं ये तरीके, पल में दूर होगी मुश्किल
एंग्‍जायटी यानी चिंता इंसान को मानसिक और शारीरिक रूप से झकझोर कर रख देती है। इसमें व्‍यक्‍ति का आत्‍मविश्‍वास कम हो जाता है और घबराहट महसूस होती है। एंग्‍जायटी अटैक आने पर कुछ तरीकों से आप इस समस्‍या को काबू में कर सकते हैं।
किसी तरह के डर, खतरे, दबाव या चुनौतीपूर्ण स्थिति में एंग्जायटी हो सकती है। इस तरह की स्थितियों में एंग्जायटी एक सामान्य प्रतिक्रिया है। एंग्जायटी अटैक बिना किसी चेतावनी के आता है। अगर आप एंग्जायटी यानी चिंता से ग्रस्त हैं तो आपको अपने अंदर कुछ लक्षण दिखाई देंगें।
​एंग्जायटी के लक्षण

एंग्जायटी में आशंका या भय, किसी चीज से डर लगना, हर समय तनाव में रहना, काम में ध्यान न लग पाना, चिड़चिड़ापन महसूस होता है। ये एंग्जायटी के कुछ सामान्य लक्षण हैं।
एरोमाथेरेपी

एरोमाथेरेपी भी एंग्‍जायटी में बहुत फायदेमंद होती है। तेल, मोमबत्ती या परफ्यूम के रूप में एरोमोथेरेपी ले सकते हैं। इसमें लैवेंडर, कैमोमाइल और चंदन शामिल है। ऐसा माना जाता है कि एरोमाथेरेपी मस्तिष्‍क के कुछ रिसेप्‍टर्स को सक्रिय कर देता है जिससे एंग्‍जायटी से लड़ने में मदद मिलती है।
गिनती करें

जब भी कभी आपको एंग्जायटी अटैक आए तो दस तक गिनती करें और 4 से 5 बार सांस अंदर लें और बाहर छोड़ें। गहरी सांसें लेने से दिल की धड़कन धीमी हो जाती हैं जिससे शांत होने में मदद मिलती है।
हल्के व्यायाम करें

खून की ठीक तरह से पम्पिंग के लिए एंडोर्फिन हार्मोन मदद करता है। इस हार्मोन के बढ़ने पर मूड में सुधार आ सकता है। तनाव होने पर हल्के व्यायाम जैसे कि वॉकिंग या स्विमिंग फायदेमंद साबित सकती है। इस दौरान एक्सरसाइज करने बहुत मदद मिलती है। हालांकि अगर आपकी स्थिति ज्यादा गंभीर है या आपको सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो रही हैं तो तुरंत किसी की मदद लें।
सैर करें

कभी कभी एंग्जायटी अटैक को रोकने का सबसे अच्छा तरीका होता हैं कि आप घर से बाहर निकल कर सैर करें। कुछ समय दिमाग की बजाय शरीर पर ध्यान देने से एंग्जायटी से राहत पाने में मदद मिलती हैं।
मंत्र जाप

जभी भी आपको पैनिक अटैक आये तो किसी मंत्र का जाप करना शुरू कर दे। इससे आपका शरीर और दिमाग दोनों शांत होंगे। पैनिक अटैक के दौरान आपका ध्यान मंत्र जाप पर रहेगा। जब तक कि पैनिक अटैक कम न हो जाए तब तक मंत्र दोहराते रहे। इस स्थिति में ॐ का उच्चारण करना सबसे ज्यादा अच्छा होता है।
अकेलेपन से दूर रहें

एंग्जायटी में अकेलापन सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। जब भी आपको एंग्जायटी अटैक आए तो अपने किसी दोस्त या करीबी से बात करें या उन्हें फोन करें। अगर आप किसी से सामने बैठकर अपनी परेशानी साझा करते हैं तो इससे आपका मन हल्का होता है और आपको अपनी परेशानी कम लगने लगती है। अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों से खूब बातें करे और खुश रहने की कोशिश करें।
एकांत जगह पर जाकर बैठ जाएं

कोई दृश्य या आवाज पैनिक अटैक को बढ़ा सकती है। संभव हो तो किसी शांत एवं एकांत जगह पर जाकर बैठ जाएं। ऑफिस या मीटिंग रूम हैं तो वहां से निकल कर कोई एकांत जगह देखें। आंखों को बंद कर के सांस लेने की गति पर ध्यान दें और इस परिस्थिति से निकलने के लिए खुद को प्रोत्साहित करें।

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